क्या सच में हनुमान जी से भूत प्रेत डरते हैं जानिए – पौराणिक कथा?

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मित्रों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस कलयुग में श्री राम भक्त हनुमान जी को सबसे ज्यादा जागृत और सर्व शक्तिशाली देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि बजरंगबली की कृपा जिस पर भी बरसने शुरू होती है उसका कोई कुछ नहीं कर सकता।  इतना ही नहीं लोग यहां तक मानते है जो भी इंसान भगवान जी की भक्ति करते है उसका भूत प्रेत भी कुछ नहीं बिगाड़ पाते है जी हाँ। और आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि क्या सच में हनुमान जी से भुत-प्रेत डरते हैं या फिर यह एक अंधविश्वास है।क्या सच में हनुमान जी से भूत प्रेत डरते हैं जानिए – पौराणिक कथा?

क्या सच में हनुमान जी से भूत प्रेत डरते हैं जानिए – पौराणिक कथा?

इस कलयुग में हनुमान जी की भक्ति ही लोगों के दुख एवं संकट से बचाने के लिए एक मात्र उपाय हैं। और जैसा कि सबको पता है कि संकट मोचन हनुमान जी भगवान भोलेनाथ के रूद्र रूप के 11 वें अवतार हैं। और वही शंकर भगवान को भूत-प्रेतों एवं पिचास के स्वामी बताया जाता है ठीक उसी तरह बजरंगबली भी भूत-प्रेत के स्वामी हुए। यही वजह हैं कि हनुमान जी नाम लेते ही भय मन से ख़त्म हो जाता हैं।

इसके अलावा यह भी माना जाता है कि बजरंगबली से यम, राहु, केतु, शनि जैसे विनाशकारी ग्रह डरते हैं क्युकि देवता से उन्हें वरदान मिला था कि शनि, यम, राहु, केतु उन्हें छू भी नहीं सकते हैं और ना ही उनके भक्तों को कोई क्षति पहुंचा सकते हैं। और यही वजह है कि जब किसी को डर लगता है या फिर मन में नकारात्मक विचार आते हैं तो लोग हनुमान जी का स्मरण करते हैं हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। इससे मन में डर एवं नकारात्मक शक्ति नष्ट हो जाती है।

इतना ही नहीं पवन पुत्र हनुमान अपने भक्तों पर हमेशा दृष्टि बनाए रखते हैं और उनकी रक्षा करते हैं। तो चलिए अब हम आपको बताते हैं भूत-प्रेत के अलावा और किन-किन बाधाओं से बचाते संकट मोचन हनुमान जी।

 हनुमान जी पूजा के महत्व 

 रोग और शोक

नासै रोग हरै सब पीरा,                                        जपत निरंतर हनुमत वीरा।

“अर्थात वीर हनुमान जी आपके निरंतर जप करने से सब संकट एवं दुख दर्द चले जाते हैं एवं सभी रोग समाप्त हो जाते हो।”

यदि आपके शरीर में दर्द है या किसी रोग से परेशान है तो आप हनुमान बाहुक का पाठ कर सकते हैं, बता दें कि यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है। जनश्रुति में उल्लेख है कि एक बार जब कलयुग के प्रकोप से गोस्वामी तुलसीदास की भुजा में जब पीड़ा हुई तब उस पिड़ा के निवारण के लिए तुलसीदास जी ने इस स्रोत की रचना की। यदि आप गठिया, वात, सिर दर्द आदि दर्द से परेशान है तो जल का एक पात्र सामने रखकर हनुमान बाहुक का 21 या 26 दिनों उसका पाठ करके उस जल को प्रत्येक दिन पीने से शरीर के सभी पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है।

 मंगल दोष

बता दे कि बहुत से लोग मंगल ग्रह से ग्रसित होते हैं वही शादी के लिए मंगल को जिन जगहों पर देखा जाता है वें 1, 4, 7, 8 और 12 भाव है। ज्योतिषियों के अनुसार इनमे 12वां भाग ही सामान्य बना जाता है किंतु कुछ परिस्थितियों में बैठा हुआ मंगल पर अच्छे परिणाम दे सकता है। ऐसा माना जाता है कि 28 साल की आयु की बाद यह दोष समाप्त होने लगता है। इस दोष को दूर करने के लिए आप मंगलवार के दिन व्रत रखकर सिंदूर से बजरंगबली की पूजा एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।इसके अलावा लाल वस्त्र मसूर दाल, रक्त चंदन, रक्त पुष्प, मिष्ठान एवं द्रव्य लपेटकर नदी में बहाने से अमंगल दूर कर सकते हैं।

 मारण सम्मोहन उच्चाटन

 ऐसी बहुत से मनुष्य होते जो अपने कार्य व्यवहार से लोगों को रुष्ट कर देते हैं इसके कारण उनके शत्रु बड़ जाते हैं। कुछ लोगो को साफ बोलने की आदत होती हैं जिसके कारण उनके गुप्त शत्रु होते हैं, यह भी हो सकता है कि आपकी तरक्की से लोग जलते हो या फिर आप के खिलाफ षड्यंत्र रचते हो ऐसी स्थिति में अगर आप सच्चे है तो श्री बजरंग बाण ही आप को बचाता है और शत्रुओं को दंड देता हैं। बजरंग बाण के पाठ करने से शत्रुओं को उनके किए की सजा मिल जाती है किंतु इनका पाठ एक जगह बैठ कर 21 दिनों तक परंपरा से करनी चाहिए और हमेशा सच के साथ चलने का संकल्प लेना चाहिए

 तनाव या चिंता

 बहुत से लोगों को अनावश्यक डर एवं चिंता रहती है जिनकी वजह से वह तनाव एवं चिंता में रहने लगते हैं ऐसा हर दिन होने से उन्हें तनाव की आदत हो जाती है जिसके कारण वह मनुष्य कई तरह की बीमारियों से भी गिर सकता है। ऐसे मनुष्य को मन ही मन हनुमान जी के मंत्र ओम हनुमते नमः का जाप प्रतिदिन करना चाहिए। रात में कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करके सोना चाहिए और सुबह उठने पर नित्य कर्म से निर्वित्त होने पर स्नान करने के बाद इस मंत्र का जप करना चाहिए ताकि धीरे-धीरे आपके मन से डर एवं चिंता का भाव समाप्त हो सके।

 सड़क दुर्घटना से बचना

 आपको यह जानकर हैरानी होगी की घटनाओं एवं दुर्घटना को राहु, केतु, शनि अंजाम देते हैं जिसे अचानक आग लगना, गाड़ी का एक्सीडेंट होना,  किसी व्यक्ति के सड़क दुर्घटना में मृत्यु होना, या किसी मुसीबत का अचानक आ जाना। संकट मोचन हनुमान जी आपको सभी तरह की दुर्घटनाओं से बचा लेते हैं इसके लिए आपको प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ते रहना चाहिए और तो और कभी सुंदरकांड एवं बजरंग बाण भी पढ़ना चाहिए।

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